[New 2022] Web 3.0 Kya Hai – Web 3.0 क्या है, Web 3.0 के फायदे और नुकसान – What Is Web 3.0 In Hindi

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दोस्तो आज हम जानने वाले है Web 3.0 के बारे में। क्या है ये Web 3.0? कैसे ये इंटरनेट को बदल कर रख देगा? क्या होगा वेब 3.0 का Future? इसके आने के बाद कितनी बदल जाएगी आपकी जिंदगी?

Friends कुछ दिनों पहले की बात है, मै अपने फ्रेंड्स से मोमोस के बारे मे Chat कर रहा था और Guess कुछ ही टाइम बाद मुझे किसकी Advertisement देखने को मिला? राइट Swiggy

क्या मैने मोमोस को इतने शिद्दत से चाहा था की पुरी कायनात ने उससे मिलाने की कोशिश की? जी नहीं।

हम आज जो इंटनेट का इस्तेमाल कर रहे है वो है Web 2.0। मौजूदा इंटरनेट डिसेंट्रलाइज्ड नहीं है। मतलब आप इंटनेट पर जो भी करते है वो डेटा प्रायवेट इंटनेट कंपनी जैसे गूगल, Amazon इनके पास यूजर्स का डेटा कॉलेक्ट होता है। ये कंपनी आपके पर्सनल डेटा का इस्तेमाल खुद के फायदे के लिए कर सकती है और आपका इसपर कोई कंट्रोल नही होता।

लेकिन Web 3.0 में ऐसा नहीं होगा। इसमें इंटरनेट डिसेंट्रलाइज्ड हो जाएगा। Web 3.0 को क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर Web 3.0 क्या है?

Web 3.0 के बारे में ज्यादा जानने से पहले आपको ये जानना बहुत जरूरी है कि अभी हम जिस के इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह Web 2.0 है और इससे पहले ये पूरी दुनिया Web 1.0 से चल रही थी.

वेब 1.0 क्या है? कब आया था Web 1.0

1989 मे Tim Berners-Lee द्वारा पहली बार Web 1.0 को Introduced किया गया. Web 1.0 को World Wide Web (www) पहली पीढ़ी के रूप में माना जाता है। सामाजिक रूप से लोग Web Pages के जरिये दिये गये Information को हि पढ़ सकते थे इसलिए इस era को “Read-Only Web” भी कहते है.

वेबसाइट का मुख्य उद्दिस्ट किसी भी समय किसी के लिए भी जानकारी प्रकाशित करना और ऑनलाइन उपस्थिति स्थापित करना था। लोग उत्पादों या सेवाओं को खोजने और खरीदने के लिए ऑफ़लाइन से ऑनलाइन गए लेकिन वे किसी के साथ interact और किसी भी Online Information मे योगदान नहीं कर सकते थे। इस कमी को नजर मे रख वेब 2.0 का निर्माण किया गया ।

वेब 1.0 पेज HTML में विकसित किए गए थे और बुनियादी संचार प्रोटोकॉल HTTP था।

Web 2.0 क्या है?

वेब 2.0 लोगों को ऑनलाईन इंफोर्मेशन शेअर और उसमे collaborate करने मे लक्षित था. इस वेब युग को “सोशल वेब” भी कहा जाता है क्योंकि लोग सोशल नेटवर्किंग साइट्स, ब्लॉग, विकी, मैशअप आदि के माध्यम से सोशल मीडिया संवादों में एक-दूसरे के साथ बातचीत और सहयोग कर सकते हैं।

वेब 2.0 के Concept को 2004 में डेल डौघर्टी, वेब पायनियर और ओ’रेली वीपी द्वारा 2004 Brainstorming Session मे Introduce किया गया. वेब 2.0 को ज्ञान वेब, जन-केंद्रित वेब, सहभागी वेब, और वेब पढ़ने/लिखने के लिए भी कहा जाता है।

यह उपयोगकर्ताद्वारा बनाया Contents और विशाल सोशल मीडिया इंटरैक्शन का युग था।, ब्लॉगिंग, वीडियो शेयरिंग, चैटिंग, होस्ट की गई सेवाएं, वेब एप्लिकेशन, वॉयस ओवर आईपी, ईमेल, इंस्टेंट संदेश, सोशल बुकमार्किंग, पोडकास्टिंग, पिक्चर शेयरिंग, वेबलॉग्स, मैशअप आदि और सभी प्रकार की ऑनलाइन Interactivity संभव हो गई और यह एक बड़ी सफलता साबित हुई है

लोगों के लिए web 2.0 सबसे बड़ा उपहार सोशल मिडिया साइट है जैसे Facebook, Twitter, Linked-In, Zynga, Google+, Flickr, Foursquare, and You-Tube इत्यादी है.

Web 3.0 क्या है – Web 3.0 Kya hai

Web 3.0 को “Semantic Web” डाटा भी कहा जाता है क्योंकि यह डेटा के वेब में शब्दार्थ जोड़ता है। Web 3.0 मनुष्य के काम को कम करना चाहता है और उसे वेब के machine-readable contents पर छोडना चाहते है.

वर्ल्ड वाइड वेब (www) के निर्माता Tim Berners-Lee ने ही Web 3.0 का Invent किया था. Semantic शब्द का अर्थ है “meaning of”. Semantic Web term मे इसे “वेब में अर्थ जोड़ने के लिए” समझा जाता है।

वेब 3.0 को सिमेंटिक वेब के रूप में भी जाना जाता है। Sementic web यह डाटा को वेब पर प्रदर्शित करने का कुशल तरीका है.

वेब 4.0 kya है?


Web 4.0 का Idea अभी प्रोग्रेस पर है. वेब 4.0 को Ambient intelligence, WebOS और artificial intelligence के रूप मे जाना जाता है. Web 4.0 अभी भी एक क्रांति कारी विचार प्रक्रिया है.

वेब 4.0 को “सिम्बायोटिक वेब” के रूप में भी जाना जाता

वेब 3.0 कैसे काम करता है – How Web 3.0 work in hindi


Web 3.0 को बनाने का मकसद Internet के सर्चेस को और ज्यादा तेज, आसान और more efficient बनाना है.

Web 3.0 मे सारा कोड प्रोसेस Decentralized सर्वर पर होस्ट किया जायेगा जो Users के Intent को समझकर उसे Browsing करने मे आसानी हो सके और Privacy maintain रह सके.

Sementic Web मे अप्लिकेशन को बिल्ड करने के डेटाबेस नाही Centralized रहेगा और नाही Web server centralized रहेगा. इसमे अप्लिकेशन को बनाने मे Blockchain Technology का इस्तेमाल किया जायेगा जो के Nodes ( Set of Computer stored data from world wide) से Web पर Maintain किया जायेगा.

आपके Application का तर्क डेवलपर्स द्वारा लिखे गए स्मार्ट Contracts में परिभाषित किया गया है, जो एक Decentralized मशीन पर तैनात हैं:

वेब 3.0 का लाभ – web 3.0 ke Fhayde


Sementic Web वेब को और ज्यादा Intelligent, Secure और Transparent बना देगा, Internet पर Browsing करने मे और आसानी होगी जिससे लोगों ला Internet के प्रति आकर्षण बढ़ेगा.

सिमेंटिक वेब या वेब 3.0 के शीर्ष लाभ यहां दिए गए हैं:

1. Data Privacy and Control
इस Web 3.0 के era मे User Privacy को अधिक महत्व दिया है साथ ही खुद के डेटा का कंट्रोल भी User के पास ही होगा.

एन्क्रिप्शन किसी भी परिस्थिति में अटूट होगा। बड़ी Organisation और Comapnies जैसे गूगल, Apple, Amzon उनके फायदे के लिए इस्तेमाल किये जानेवाले आपके डेटा को Prevent करेगा.

इसलिए जो भी उपयोगकर्ता है उसे Ownership और Privacy maintain करने को मिलेगा.

2. Seamless Services
Decentralized data storage की वजह से किसी भी User को डाटा Access करना Possible होगा. वे कभी भी अपने डेटा का Backup ले सकेंगे.

इसमे Government Organisation की किसी भी तरह का Control नही होगी नाही वो किसी Website या Server को रोक सकेंगे.

3. Open Accessibility to Data

डाटा को किसी भी Device से, कही पर भी Access करना आसान होगा.

4. Restrictionless Platform

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी को Access करना अब सबके लिए आसान होगा जिससे उपयोगकर्ता अपना Blockchain पर Address बनाके किसी भी नेटवर्क के साथ Interact कर सकता है.

Users को उसके Gender, Income, Geographical location या Sociological factors इन वजह से कोई भी तरह की Restriction नही होगी.

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वेब 3.0 का नुकसान – web 3.0 ke nuksaan

1. Requires Advanced Devices
Less Advance Computer मे web 3.0 को चला पाना मुश्किल होगा, जिससे Globally ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस Technology को पहुँचाना कठिन होगा. अभी के situation की बात करे तो बहुत ही कम लोग है जिनके पास web 3.0 का Access है.

2. Complicated Functionality
Web 3.0 टेक्नोलॉजी को कुछ नये Users के लिए समजना थोड़ा मुश्किल होगा. ये टेक्नोलॉजी को Updated Computer को ही support करेगी जिससे यह Computer costly होने के कारण किसी आम लोगों को इसे Afford करना कठिन होगा.

3. उपयोगकर्ता के सार्वजनिक और निजी जीवन के बारे में जानकारी प्राप्त करना आसान होगा

4. इंटरनेट पर अधिक समय व्यतीत होगा

5. गोपनीयता नीतियां होना आवश्यक है

Web 3.0 के उदाहरण – example of web 3.0 in hindi

वेब 3.0 के कुछ प्रसिद्ध उदाहरण हैं:

Apple’s Siri
Siri जो Voice Recognition Software का परफेक्ट उदाहरण है जिसमे web 3.0 को इस्तेमाल किया जाता है.
Siri और अन्य पर्सनल असिस्टेंस Communicate करते है है How to, Why, और What जैसे सवालों का User को Meaningful Result provide करते है.

Wolfram Alpha
Wolfram Alpha () एक computational intelligence है जिसमे web 3 की मदद से Mathematics, Nutrition और Science जैसे दूसरे फील्ड के उपयोगकर्ताओं के उत्तर की गणना किया जाता है. यह इंफोर्मेशन लेने के लिए दूसरे Database से जल्दी Connect होता है जिससे Users को Fast और Aqurate Information मिलती है.

Steemit
Steemit () यह Social Network वेबसाइट है जिसमे ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का Use किया गया है. Steemit Decentraliz Blockchain Social media प्लेटफॉर्म है जो अपने Creators और Blogger को Reward के तौर पर Cryptocurrency को देता है.

अन्य उदाहरनोमे Idex जो Ethereum-based exchange platform है, e-Chat secure messenger platform है, Storj Payment करने के लिए Use मे आनेवाली Token है.

FAQs

  1. वेब 3.0 को किस नाम से भी जाना जाता है?

    Web3.0 को सिमेंटिक वेब के रूप में भी जाना जाता है।

  2. वेब 3.0 को पूरी तरह से लागू होने में कितना समय लगेगा?

    वेब 3.0 के लिए आवश्यक कई उपकरण विकसित किए जा चुके हैं, और कुछ पहले से ही उपयोग में हैं। चूंकि वेब 3.0, या सिमेंटिक वेब की अवधारणा जटिल है और इसमें कुछ तकनीकी कठिनाइयां हैं, इसलिए वेब 3.0 को पूरी तरह से लागू होने में कुछ समय लगेगा, और इसमें वर्षों भी लग सकते हैं।

  3. वेब 3.0 आपके वेब अनुभव को कैसे बेहतर बनाएगा?

    वेब 3.0 आपके वेब अनुभव को तीन तरीकों से बेहतर बनाएगा:
    वैयक्तिकृत ब्राउज़िंग अनुभव – वेब 3.0 सभी के लिए अत्यधिक व्यक्तिगत ब्राउज़िंग अनुभव प्रदान करता है। वेबसाइटें स्वचालित रूप से आपके डिवाइस, स्थान और पहुंच की जरूरतों के अनुकूल हो जाएंगी।
    बेहतर खोज – मशीन लर्निंग और एआई का उपयोग आपको खोज इंजन के साथ अपनी प्राकृतिक भाषा में बोलने की अनुमति देता है। यह बड़े डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का लाभ उठाकर सबसे सटीक परिणाम देता है।
    समृद्ध ऐप अनुभव – वेब 3.0 न केवल आपकी वेबसाइट की उपयोगिता को बढ़ाता है, बल्कि यह आपके ऐप उपयोगकर्ता अनुभव को भी बेहतर बनाता है।

  4. वेब 3.0 का क्या फायदा है?

    यहाँ वेब 3.0 के कुछ लाभ दिए गए हैं:
    डेटा स्वामित्व
    विकेन्द्रीकरण
    जानकारी तक आसान पहुंच
    मानव सहयोग का परिवर्तन
    सुव्यवस्थित कार्यप्रवाह
    सटीक जानकारी
    वैयक्तिकृत वेब अनुभव
    बेहतर मार्केटिंग

  5. वेब 3.0 के नुकसान क्या हैं?

    यहाँ web3 की कुछ कमियाँ हैं:
    तकनीक अभी तैयार नहीं है
    कंप्यूटर उन्नति की आवश्यकता है
    यह नशे की लत हो सकता है
    शुरुआती लोगों के लिए यह जटिल हो सकता है
    गोपनीयता नीतियों की आवश्यकता है

  6. वेब 3.0 की विशेषताएं क्या हैं?

    यहाँ वेब 3.0 की पाँच महत्वपूर्ण विशेषताएं दी गई हैं:
    Semantic web
    कृत्रिम होशियारी
    3डी ग्राफिक्स
    कनेक्टिविटी
    हर जगह पर होना

(Conclusion) Web 3.0 kya hai

वेब 1.0 ने उपयोगकर्ताओं को किसी भी समय कहीं से भी उत्पादों या सेवाओं को खोजने और खरीदने के लिए एक मंच प्रदान किया। वेब 2.0 ने उपयोगकर्ताओं को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया भर के अन्य उपयोगकर्ताओं के साथ अपने विचार और विचार साझा करने की सुविधा प्रदान की। वेब 3.0 ने वेब पेजों में मशीन लर्निंग को जोड़ा जिससे इंटरनेट से निपटने के लिए आवश्यक मानवीय संज्ञानात्मक प्रयासों में कमी आई। वेब 4.0 की सहजीवी प्रकृति वेब के साथ “मानव सामाजिक जुड़ाव” का एक नया युग लाएगी

दोस्तो आपको क्या लगता है, क्या वेब 3.0 हमारा Future होगा? अपनी राय Comment करे.

Harsh Walde

मैं formally आपसे अपना परिचय करा देता हूँ: My name is Harsh walde और मैं technology और internet marketing के बारे में passionate हूँ. औपचारिक तौर पर मैं एक इंजीनियरिंग स्टुडेंट् हू और पेशे से अब मैं एक Blogger हूँ.

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