ब्लॉकचैन तकनीक क्या है Blockchain कैसे काम करती है इसके फायदे नुकसान

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दोस्तो, क्या आपने ब्लॉकचैन का नाम सुना है? अगर नहीं तो, कोई बात नही. आप Bitcoin के बारे मे तो पक्के से जानते होगे न तो बस ब्लॉकचैन के बारे मे समझना आपके लिए आसान होगा.

क्योंकि Bitcoin के Record Keeping Technology को ब्लॉकचैन कहते है और Cyrptocoins के अलावा Investing और Banking जैसे दूसरे सेक्टर से भी रिलेट करती है.

इसीलिए बेहतर होगा की आप इसके बारे मे जान ले और इसके लिए आपको मेरे साथ इस Article मे बने रहना होगा.

Friends इस पोस्ट मे हम आपको बताने वाले है कि Blockchain Technology क्या है? ब्लॉकचेन तकनीक कैसे काम करती है? इसके लाभ क्या है? ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का फ़्यूचर क्या होने वाला है?

Blockchain Technology के बारे मे सब कुछ और बहुत कुछ इस लेख मे तो हमारे साथ अंत तक बने रहिये.

Blockchain Technology Explained: Quick Overview

  • किसी भी चीज के इंफोर्मेशन को डिजिटली रिकॉर्ड रखने की या स्टोर करने की तकनीक को Blockchain Technology कहा जाता है।
  • ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी को सबसे पहले स्टूअर्ट हबर और डब्लू. स्कॉट स्टोर्नेट्टा ने 1992 मे अपनाया था।
  • सबसे पहले ब्लॉकचैन तकनीक का इस्तेमाल Bitcoin मे किया गया।
  • Satoshi nakamoto एक अंजान व्यकी ने 2009 मे Bitcoin बनाया।
  • Blockchain Technology का मुख्य उद्देश्य डिजिटल डॉक्यूमेंट को टाइमस्टैंप करना था, ताकि इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड न की जा सके।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी क्या है? What is Blockchain Technology?

जैसे किसी दुकान मे रेकॉर्ड रखा जाता है, कोनसा सामान आया, कोनसा सामान गया, किससे आया था, कब गया इसे हम बहीखाता (Ledger) कहते है वैसे ही डिजिटल लेजर को जो किसी भी प्रकार का डाटा, इंफोर्मेशन को स्टोर करके रखता है उसे ही Block कहते है।

इन ब्लॉक मे लिमिटेड इंफोर्मेशन स्टोरेज केपेसिटी होती है जिससे पहला ब्लॉक इंफोर्मेशन से भर जाने के बाद वो दूसरे ब्लॉक से कनेक्ट हो जाता है जिससे इन ब्लॉक्स की चैन बनती और इसी चैन को Blockchain Technology कहते है।

Blockchain दो शब्द मिलकर बनते है Block+Chain

Block: हर Single Digital Ledger एक Single ब्लॉक होता है। ब्लॉक मे जो पहली चीज स्टोर होती है वो है Relevent इंफोर्मेशन या डाटा, जैसे Nft के मामले मे उसके Owner की Information और Cryptocurrency के लिए उसके Transaction का डाटा स्टोर होगा।

दूसरी चीज जो इस ब्लॉक मे स्टोर होता है वो है Hash. Hash एक फिंगरप्रिंट की तरह है बिल्कुल Unique, हर न्यू डाटा के लिए हमेशा नया Hash genrate होता है।

तीसरी चीज है Previous ब्लॉक का Hash. पहले वाले ब्लॉक का Hash दूसरे ब्लॉक के Hash से लिंक होता जाता है। दूसरे का तीसरेवाले ब्लॉक के Hash से जुडता है और ऐसे ही इन Block की Chain बनती जाती है

DeFi smart contracts, NFT पर अपना मालिकाना अधिकार प्राप्त करने के लिए, Cryptocurrency Transaction जैसे अन्य कामों के इंफॉर्मेशन को रेकॉर्ड रखने के लिये ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है।

डिजिटल जानकारी को ब्लॉक के रूप मे जमा कर उन्हें आसानी से लोगो तक पहुचना ही ब्लॉकचैन का मकसद होता है। ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी यह किसी एक व्यक्ति या संस्था के कंट्रोल में नहीं होती साथ ही ब्लॉकचेन Decentralized होने के कारण इसमे जमा की गई Information को बदलना लगभग नामुंकिन है।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है? How does Blockchain Technology work?

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का वर्किंग प्रोसेस समझने आपको जानना होगा Block, Miner और Nodes क्या होते है जो ब्लॉकचेन की तीन महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं।

ब्लॉक क्या है?

ब्लॉकचैन तकनीक क्या है,

ब्लॉकचैन ऐसे ब्लॉक की चैन है जिनमे डाटा, इंफोर्मेशन Stored रहती है। जैसे आपके मोबाइल मे डाटा संग्रहित करने के लिए RAM/Sd card होती है।

ब्लॉक्स मे Data को Stored करने की कैपेसिटी लिमिटेड होती है जिसकी वजह से बाकी बचे डाटा को दूसरे ब्लॉक मे Stored करना पड़ता है। जब पहले ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक मे डाटा ट्रांसफर होता है तब Hash जनरेट होता है। हर ब्लॉक के पास अलग Hash होता है।

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Hash फॉर्मूला के माध्यम एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक मे कुछ डेटा पास करता है, Hash को आप अपने Finger Print के तरह मान सकते हो,जैसे आपका फिंगरप्रिंट किसीसे Match नही करता ठीक उसी तरह हर एक ब्लॉक का Hash हमेशा Unique रहता है।

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जब कोई इन Block के साथ हेरा-फेरी करता है तब इन ब्लॉक का Hash चेंज होता है और बड़े ही आसानी से पता चल सकता है की ब्लाक के साथ किसी ने छेड़ छाड़ की है.

Miner क्या होते है?
Miners माइनिंग करके चैन पर नया ब्लॉक Create करते है और इसी प्रोसेस को Mining कहा जाता है। प्रत्येक ब्लॉक पर हमेशा Unique Hash होता है और दूसरे Block का Hash पहले Block के Hash से Releted होता है।

Nonce ये केवल एक बार उपयोग की जाने वाली संख्या है जो Cryptographic Hash Function मे Use करते है।

Nonce वह संख्या है जिसे ब्लॉकचेन माइनर्स क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त करने के लिए हल करते है। Miners को एक Nonce Find करने के लिए complex math problem को Solved करना पड़ता है जिसके लिए उन्हे Special Software की जरूरत होती है। इसलिए ब्लॉक को Mine करना आसान नहीं है खासकर बड़ी Chain पर।

ब्लॉकचेन तकनीक में हेरफेर करना बेहद मुश्किल है। जब नॉन्स खोजने के लिए बहुत अधिक समय और कंप्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है।

जब एक ब्लॉक सफलतापूर्वक Mining किया जाता है, तो नेटवर्क पर सभी Nodes द्वारा परिवर्तन को स्वीकार किया जाता है और Miners को Reward के रूप मे क्रिप्टोकरेंसी दिया जाता है।

Nodes क्या होते है?
ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी Decentralization होती है मतलब इसपर किसी व्यकी, Government, संस्था का अधिकार नहीं रहता। Blockchain पर जो भी इंफोर्मेशन साझा की जाती है वो दुनिया भर के Computer मे Shared हो जाती है।

उस Data का record दुनिया के सभी कंप्यूटर मे संग्रहित रहता है और इन्ही Computers को Node कहते है।

हैश के जरिये Transaction मे हुए किसी भी बदलाव को चेक करने के लिए Nodes का इस्तेमाल किया जाता है। नोड्स Transaction को ज्यादातर Approve कर देते है और उस Transaction को Blocks मे लिखा जाता है। Nodes Transaction को Stored, Spread और Preserve करते है।

how-blockchain-work-image.jpg-Trafficblogguide, Blockchain Technology Explained:

Step 1) कोई व्यक्ति जब ब्लॉकचैन पर Transaction के लिए Request करता है। लेन-देन में क्रिप्टोक्यूरेंसी, Contracts, रिकॉर्ड या अन्य जानकारी शामिल हो सकती है।

Step 2) Nodes की मदद से P2P network पर Requested Transaction को भेजा जाता है।

Step 3) Nodes के Network एल्गोरिदम की मदद से ट्रांज़ैक्शन और उपयोगकर्ता की जाँच करके उसे ब्लॉकचैन पर मान्यता देता है।

Step 4) लेनदेन के पूरा हो जाने के बाद, उस डाटा को ब्लॉक मे संग्रहित करके उसे मौजूदा ब्लॉकचैन में नया ब्लॉक के तौर पर जोड़ा जाता है। इस प्रकार वह ब्लॉक परमानेंट और अपरिवर्तनीय होता है।

ब्लॉकचेन के उदाहरण

जैसा की हमने ब्लॉकचैन के बारे मे पहले भी जाना है की, वो कैसे ब्लॉक की चैन है और हर ब्लॉक मे कुछ रिलेटिव इंफोर्मेशन भरी हुई होती है। ब्लॉक के अंदर संग्रहीत डेटा ब्लॉकचैन के प्रकार पर निर्भर करता है

Blockchain Technology के example की बात करे तो Bitcoin Crytocurrency बेस्ट रहेगा। बिटकॉइन ब्लॉक मे Bitcoin Sender, Receiver, Bitcoin के कितने Transaction और Transferred किये गए जैसी इंफोर्मेशन रखी जाती है।

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Chain के पहले ब्लॉक को Genesis Block कहते है। चैन का प्रत्येक नया ब्लॉक पिछले ब्लॉक से जुड़ा हुआ होता है।

अन्य उदाहरण मे है, Spotify: संगीत में ब्लॉकचेन का उपयोग Music Creators के Ownership को अधिक ट्रांसपैरेंट रिकॉर्ड बनाता है।

Matchpool: Matchpool Communities प्रोत्साहित करने के लिए Cryptocurrency Payment के रूप मे करता है।

Aeternity: Aeternity स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, सिक्योर डॉक्यूमेंट एक्सचेंज और नैनो/माइक्रो पेमेंट सहित कई एप्लिकेशन द्वारा हाई-स्पीड ट्रांजैक्शन का उपयोग करने के लिए एक ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म है।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के अनुप्रयोग (Applications of Blockchain Technology)

Almost ऐसे कई इंडस्ट्री है जिसमे अभी ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के Application का इस्तेमाल होने लगा है।
डिजिटल बही खाता (Ledger) टेक्नोलॉजी का उपयोग फाइनेंशियल होनेवाले Fraud को Track करने के लिए किया जा रहा है।

साथ ही हेल्थ केयर सेक्टर मे Patient की मेडिकल रेकॉर्ड को Securely Share करने मे किया जाता है। व्यवसाय में कलाकारों के Intellectual property और Artists के संगीत अधिकारों को ट्रैक करने का बेहतर तरीका।

1. मनी ट्रांसफर
ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके मनी ट्रांसफर करना कम खर्चीला और तेज हो सकता है। विशेष रूप से एक कंट्री से दूसरे कंट्री मे ट्रांसफर करना।

2. अचल संपत्ति ( Real estate)
Real estate मे होने वाले Transaction को अधिक सुरक्षित और सुलभ करने के लिए ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी Real estate मे लेनदेन करने को गति दे सकता है, कागजी कार्रवाई को कम कर सकता है और पैसे बचा सकता है।

3. सुरक्षित व्यक्तिगत जानकारी
मौजूदा सिस्टम हैक होने की अधिक संभावना रखते हैं बल्कि ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी को Hack लगभग नामुंकिन है जिससे आपका Personal Data और अन्य पहचान जानकारी secure रहती है।

4. मतदान
ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग यह सुनिश्चित कर सकता है कि कोई भी दो बार वोट न दे, केवल योग्य मतदाता ही वोट दे सकें और वोटों के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सके।

5. Non fungible tokens (NFT)
Blockchain पर Non fungible tokens रखना गारंटी देता है किसी भी डिजिटल कला के एक टुकड़े की केवल एक प्रति मौजूद है मतलब वो Unique है। Blockchain इसे Physical Art में निवेश करने जैसा बना सकता है लेकिन किसी storage और maintenance के बिना।

ब्लॉकचेन और बिटकॉइन के बीच क्या अंतर है? What is the difference between Blockchain and Bitcoin?

  • Blockchain इंफोर्मेशन स्टोर करने का डाटाबेस होता है, और Bitcoin एक क्रिप्टोकरेंसी है।
  • Bitcoin जिसमे ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, पर Blockchain Technology का इस्तेमाल बिटकोइन के साथ और दूसरे चीजो मे भी किया जाता है।
  • Bitcoin उपयोगकर्ता के बीच कर्रेंसी को ट्रांसफर करता है, Blockchain मे कर्रेंसी को ट्रांसफर करने के साथ, इंफोर्मेशन और डाटा, किसी प्रोपर्टी के ओनरशिप की लेन-देन की जाती है।
  • Bitcoin मे किये जाने वाले लेन-देन की सभी जानकारी गुमनाम रहती है। वही Blockchain मे होने वाले ट्रांज़ैक्शन का विवरण (Details) सभी लोगों के साथ साझा की जाती।

ब्लॉकचैन के Pros और Cons

Pros

  • स्थिरता: ब्लॉकचैन मे एक बार डाटा रेकॉर्ड और स्टोर हो जाने के बाद उस डाटा मे कोई बदलाव करना या उससे छेद छाड करना या इसे हटाना बेहद मुश्किल है। ऑडिट ट्रेल की मदद से ब्लॉकचैन मे वित्तीय रिकॉर्ड या किसी अन्य डेटा को संग्रहीत किया जाता है जिससे ब्लॉक में होने वाले परिवर्तन को ट्रैक किया जा सके।
  • भरोसेमंद प्रणाली: पहले के Traditional पैमेंट सिस्टम मे Transaction के लिए दो पक्षों को किसी मध्यस्थ पर निर्भर होना होता था। जैसे अगर किसी से पैसे की लेन देन करनी हो तो हमे बैंको पर, क्रेडिट कार्ड कंपनी पर निर्भर होना होता था पर अब ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से Nodes के द्वारा किसी किसी भी लेन देन को सत्यापित करना आसान हो गया है।
  • Blockchain Technology ने किसी भी लेन-देन के मामले मे बिचौलियों और तीसरे पक्षों को हटाकर लेनदेन शुल्क को भी कम करती है।
  • Blockchain Technology पर चलने वाली सभी Services, Activities को Hack बहुत कठिन होगा।
  • डेटा दुनिया भर मे फैले कई अनगिनात कंप्यूटर मे संग्रहित होता है जिससे Data Loss होना या उसकी हानि होना लगभग असंभव है।

Cons

  • Data modification: मानलो आपने गलती से ब्लॉकचैन पर गलत डाटा enter किया हो और अब आपको उस डाटा मे Correction करनी है तो क्या करोगे?
  • यही से ब्लॉकचैन के नकारात्मक पलुओंके निकल कर आता है, डाटा मोडीफिकेशन मतलब ब्लॉकचेन में डेटा जोड़ने के बाद इसे उसे बदलना बहुत मुश्किल होता है।
  • Cryptocurrency के Minning करने के लिए बहुत सारी बिजली की खपत होती है जिससे कि ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी को Access कर पाना बहुत महंगा है।

ब्लॉकचेन का उपयोग use of blockchain

अभी के समये मे ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी की सबसे जाने माने Used की बात करे तो वो है Cryptocurrency. पिछले साल के Crypto ने इंवेस्टर को जो return दिये उससे Cryptocurrency सबसे चर्चित विषय बन गया था।

Bitcoin, Ethereum or Litecoin यह Crypto based डिजिटल करेंसी है जिसकाे सामान, Services या किसी भी तरह के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। Crypto Token से आप खाना खरीदने से लेकर घर खरीदने तक के सभी चीज़े कर सकते है।

ब्लॉकचेन नेटवर्क के प्रकार (Types of Blockchain Networks)

Blockchain नेटवर्क के निम्नलिखित प्रकार के होते है।

1. Public Blockchain

2. Private Blockchain

3. Hybrid Blockchain

1. Public Blockchain

आपको नाम से ही चल गया होगा की Public Blockchain क्या है। जैसे नाम मे ही बताया गया है Public Blockchain जिसकी Access सबके पास है, जिसे सभी लोग इस्तेमाल कर सकते है।

पब्लिक ब्लॉकचैन मे कोई भी जानकारी एक ही जगह स्टोर होने के बजाए वो दुनिया भर के अलग-अलग कंप्यूटर मे जमा होती है जिसे हम Nodes कहते है।

पब्लिक ब्लॉकचैन के कुछ example के बारे मे जाने तो Bitcoin, Ethereum, Litecoin है।

2. Private Blockchain

Private Blockchain पब्लिक Blockchain से बिल्कुल अलग होते है। Private Blockchain को सिंगल पार्टी control करती है,जिससे कि आपको इसमे join होने के लिए permission लेना पड़ता है।

Hyperledger, Multichain, Ripple, प्राइवेट ब्लॉकचेन का उदाहारण है.

3. Hybrid Blockchain

Hybrid Blockchain पब्लिक ब्लॉकचैन और प्रायवेट ब्लॉकचैन का Combination होती है। इसमे Centralized और Decentralized features का इस्तेमाल किया गया रहता है।

ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म क्या है? What is a Blockchain Platform?

एक ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म Users और डेवलपर्स को मौजूदा ब्लॉकचेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के नए उपयोग करने की अनुमति देता है। यह पे हमे Blockchain platform के बारे मे बताया है।

1. Etherium
Etherium ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी के डेवलोपमेंट के लिए सबसे ज्यादा Used किया जाने वाला Plarform है मुख्यतः Decentralized apps मे।

2. Solana
Solana के टीम का कहना है की प्रोटोकॉल सुरक्षित, Decentralized है जो एथेरियम जैसी ब्लॉकचेन तकनीक जुड़े ‘scalability trilemma’ समस्या को हल करता है।

3. Binance Smart Chain
सबसे ज्यादा Demand मे रहने वाला और अधिक स्केलेबल प्लेटफॉर्म Ethereum के Alternative के तौर Binance Smart Chain (BSC) को देख सकते है। BSC ने Smart Contract Development के लिए ब्लॉकचैन प्लेटफॉर्म मे सबसे उच्च स्थान में स्थापित किया है।

4. Cosmos
Cosmos प्लेटफॉर्म का मंच का उद्देश्य ‘Interchain’ बनाना है। Cosmos परस्पर जुड़ी Chain का एक नेटवर्क है जिसका लक्ष्य इंटरनेट के लिए एक Decentralized alternative प्रदान करना है।

ब्लॉकचेन का इतिहास

1984 : David Chaum एक प्रसिद्ध क्रिप्टोग्राफर ने साल 1984 में Blockchain के प्रोटोकॉल का प्रस्ताव रखा।

1991: Stuart Haber और W Scott Stornetta सन 1991 मे Cryptographically ब्लॉक की सुरक्षित चैन का वर्णन किया गया।

1998 : Nick Szabo जो कंप्यूटर साइंटिस्ट है उन्होंने ‘bit gold’ नामक एक डिसेंट्रलाइज डिजिटल कर्रेंसी पर काम किया।

2000 : Stefan konst ने 2000 मे Cryptographic secured chains, और उसके Implementation के Ideas Theory प्रस्तुत की।

2008 : पहली Decentralise Blockchain का विचार सन 2008 मे ‘Satoshi Nakamoto’ द्वारा लाया गया।

2009: Satoshi Nakamoto गुमनाम व्यक्ति ने Blockchain Technology की मदद से 2009 मे पहला ‘Bitcoin’ बनाया था।

ब्लॉकचेन का भविष्य (future of blockchain)

ब्लॉकचैन Research, Technology के विषयों का सबसे Trending Topic मे से एक है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2017 मे Blockchain Technology का Globally मार्केट वैल्यू $710 million था और अगले 2027 तक यही मार्केट $ 128,802.1 million को पर करेगा।

ब्लॉकचैन कुछ क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जैसे फोन स्पैमिंग को हल करना, दूसरों के बीच में लेनदेन को सरल बनाना इत्यादी।

ब्लॉकचेन तकनीक कहां से सीखें? Where to learn blockchain technology?

हम बात करनेवाले है ऐसे 5 free resources जिसे आप Blockchain technology सिख सकते है और ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी मे अपना करियर बना सकते है।

1. Blockchain by IBM

Source: IBM blog

About: यह कोर्स आईबीएम द्वारा प्रदान किया जाता है जहां आप ब्लॉकचैन के बेसिक सिख सकते है, इसके Fundamentals, Applications और Solutions के बारे मे सिख सकते है। आपको Hyperledger Fabric Ethereum Virtual Machine के साथ ब्लॉकचैन ऐप बनाने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

जानने के लिए यहां क्लिक करें

2. Blockchain And Deep Learning: Future Of AI

Source: Udemy

About: इस कोर्स मे आप ब्लॉकचैन को कैसे इस्तेमाल करना है और उसके टेक्नोलॉजी के बारे मे Deep Learning को सिखाती है। इस तकनीक का उपयोग ड्राइविंग, हेल्थ केअर, एनर्जी और Finance मे किया जा सकता है।

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3. Bitcoin And Cryptocurrency Technologies

Source: Coursera

About: यह कोर्स आपको Cryptocurrencies, Bitcoin Decentralization, बिटकॉइन के Mechanics, Bitcoin का उपयोग कैसे करना है इन सबके बारे मे आपको सीखने को मिलेगा।

जानने के लिए यहां क्लिक करें

4. Bitcoin And Cryptocurrencies

Source: edX Blog

About: इस ट्यूटोरियल में आपको Bitcoin and Cryptocurrency के fundamentals को जानने को मिलेगा। इस पाठ्यक्रम मे आप Smart Contracts के Basics, Ethereum platform और Decentralized Applications के बारे मे सीखेंगे।

जानने के लिए यहां क्लिक करें

5. Blockchain Essentials

Source: Blog

About: इस कोर्स में, आप ब्लॉकचेन तकनीक को समझेंगे और समझेंगे कि यह व्यावसायिक समस्याओं को कैसे हल कर सकती है। इसके Demo Video Lectures आपको Businesses के लिए ब्लॉकचेन के बारे में जानने और महत्वपूर्ण उपयोग के मामलों का पता लगाने में मदद करते हैं

जानने के लिए यहां क्लिक करें

ब्लॉकचेन में निवेश कैसे करें? How to invest in Blockchain?

Distributed ledger technology (DLT) और  ब्लॉकचैन Business, Finance जैसे अन्य उद्योगों में सबसे लोकप्रिय रुझानों में से हैं।

क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता ने नए निवेश वाहन, अवसर और नए क्षेत्र बनाए हैं।

सामान्य तौर पर, आपके लिए Investing करने के लिए दो ग्रोइंग सेक्टर है: Cryptocurrency और ऐसे Businesses जो Distributed Ledger Technology (DLT) का उपयोग करके अपने प्रोडक्ट, सर्विसेस बनाते है

ब्लॉकचेन का उपयोग करने वाली कंपनियां

IBM और Nvidia  जैसी कई प्रसिद्ध कंपनियां है जो Blockchain Technology के उपयोग के मामले मे खुद को विकसित कर रहे है। आप कई  ऐसे कंपनियों में निवेश कर सकते हैं जो ब्लॉकचैन और DLT उत्पादों और सेवाओं पर शोध और विकास कर रही है जैसे:

Decentralized Finance
Financial Technology
Metaverse
Exchanges

Decentralized Finance

Decentralized finance (DeFi) वित्तीय संस्थानों को लेनदेन विषय में Third पार्टी को हटाने का Concept है।

Financial Technology

Financial technology (Fintech) मौजूदा वित्तीय सेवाओं में सुधार के लिए Technology का विकास और उपयोग है।

Fintech कंपनी के सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में से PayPal एक है

Metaverse

मेटावर्स एक उभरती हुई डिजिटल और हमेशा मौजूद दुनिया है जहां आभासी (Virtual) वास्तविकता, Augmented वास्तविकता मिलती है

Meta (formerly Facebook), Amazon, Advanced Microdevices (AMD) उन कंपनियों के उदाहरण हैं।

Exchanges
आप क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज पर एक Account setup करके क्रिप्टोकरेंसी में व्यापार या निवेश कर सकते हैं।

Coinbase (COIN) CoinDCX, Coinswitch kuber, wazirX जैसे कई अन्य कंपन्या है जिससे आप अपनी क्रिप्टोकरेंसी मे ट्रेडिंग और इंवेस्टिंग की जर्नी स्टार्ट कर सकते है।

ब्लॉकचेन क्यों महत्वपूर्ण है? Why is blockchain important?


आज के टेक्नोलॉजी और इंफोरमेशन एरा के वर्ल्ड मे ज्यादातर बिजनेस Reliable डाटा, Stats और Information पर चलते है। जितने जल्दी किसी कि Information और उसका डाटा मिलने की तेजी रहेगी, उतना ही सटीक उसे माना जायेगा।

ब्लॉकचेन किसी भी जानकारी को वितरित करने के लिए आदर्श है क्योंकि यह त्वरित और पूरी तरह से पारदर्शी जानकारी प्रदान करता जो अपरिवर्तनीय लेज़र पर संग्रहीत है जिसे केवल Permissioned Network Members द्वारा ही एक्सेस किया जा सकता है।

एक ब्लॉकचेन नेटवर्क ऑर्डर, Payment, खाते और बहुत कुछ ट्रैक कर सकता है। आप लेन-देन के सभी विवरणों को अंत तक देख सकते हैं।

Key elements of a blockchain

वितरित बहीखाता तकनीक (Distributed ledger technology) : वितरित बहीखाता तकनीक स्वामित्व को स्थानांतरित करता है, लेनदेन को रिकॉर्ड करता है, संपत्ति को ट्रैक करता है, और डिजिटल Asset के साथ विभिन्न प्रकार के लेनदेन में Transparency, सुरक्षा, विश्वास सुनिश्चित करता है।

अपरिवर्तनीय रिकॉर्ड (Immutable records) :
डिजिटल बहीखाता (Ledger) पर रेकॉर्ड की गई कोई भी जानकारी, Transaction हो, कोई भी व्यकी या सदस्य उस
Ledger को बदल नही सकता। अगर डाटा Ledger मे किसी Error से Record कर दिया जाता है तब अगले Ledger मे होने वाले सभी Records है वो भी Error के साथ Record होंगे।

स्मार्ट अनुबंध (Smart contracts) :
Smart contracts आम Contracts की तरह होता फर्क सिर्फ ये है की यह डिजिटल होता है जो एक कंप्यूटर प्रोग्राम पर चलता है।

इस कंप्यूटर प्रोग्रोमिंग कोड की मदत से किसी भी अग्रीमेंट के सारे Terms and Conditions लिखे जाते है और इस कंप्यूटर Code को Blockchain Technology के मदद से Control, Automate और Operate किया जाता है।

स्मार्ट अनुबंध अनुप्रयोगों के उदाहरणों में व्यापार, निवेश, उधार जैसे वित्तीय उद्देश्य शामिल हैं।

FAQs

  1. Blockchain Technology क्या है?

    Blockchain एक डिजिटल Database होता है जो कंप्यूटर पर डाटा और इंफोर्मेशन को Electronically stored रखता है। Database याने Information का Set है

  2. How Many Blockchains are There?

    There are three type of blockchain
    1. Public blockchain
    2. Private blockchain
    3. Hybrid blockchain

  3. What’s the Difference Between a Public Blockchain and a Private Blockchain?

    Public Blockchain मे कोई भी व्यक्ति बिना किसी के permission के किसी भी Activities मे participate कर सकता है। Private Blockchain मे Permission की जरूरत होती है जिसमे Verified participants को ही अनुमति होती है

  4. Blockchain की शुरुआत कब हुई?

    ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को सर्वप्रथम स्टुअर्ट हैबर और डब्ल्यू स्कॉट स्टोर्नेटा द्वारा 1992 में समझाया गया था

  5. Who created Blockchain?

    क्रिप्टोग्राफर David Chaum ने 1982 में पहली बार ब्लॉकचेन जैसा प्रोटोकॉल प्रस्तावित किया था ।

  6. क्या Blockchain Secure है?

    Blockchain Technology को Hack करना लगभग बहुत ही मुश्किल है, इससे हम कह सकते है की 'हाँ' Blockchain Secure है

  7. क्या ब्लॉकचैन Cryptocurrency से अलग है?

    Blockchain एक डिजिटल Ledger जिसमे लेन देन की सारी जानकारी रखी जाती है और Cryptocurrency एक डिजिटल कर्रेंसी है जिसे Transaction के रूप मे इस्तेमाल किया जाता है। आसान शब्दों में Cryptocurrency को बनाने के लिए Blockchain Technology का Use किया जाता है तो इसका मतलब ब्लॉकचैन और Cryptocurrency दोनों अलग-अलग है

  8. Smart contracts किस भाषा में लिखे गए हैं?

    Smart contracts को खास programming languages का उपयोग किया जाता है जिसे Solidity कहते है। सॉलिडिटी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट लिखने के लिए एक ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।

Conclusion:

दोस्तो हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताना चाहा की Blockchain Technology क्या है? ब्लॉकचैन तकनीक कैसे काम करती है? Blockchain Technology के फायदे और नुकसान के भी विषय मे Discuss किया

दोस्तो आपको क्या लगता है, ब्लॉकचैन तकनीक भविष्य मे क्रांति ला सकती है, Blockchain Technology का Future क्या होने वाला है? इसपर आपकी राय Comment Box मे जरूर बताये।

Harsh Walde

मैं formally आपसे अपना परिचय करा देता हूँ: My name is Harsh walde और मैं technology और internet marketing के बारे में passionate हूँ. औपचारिक तौर पर मैं एक इंजीनियरिंग स्टुडेंट् हू और पेशे से अब मैं एक Blogger हूँ.

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